
जमानियां ( गाजीपुर ) कल दिनांक 14 मई 2026 दिन गुरुवार को नए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. के. सरोज ने दो नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक निरीक्षण से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हलचल सा छा गया और स्वास्थ्य सेवाओं की हक्कीकत सामने आया

निरीक्षण के दौरान लापरवाही और अनुपस्थिति पाए जाने पर चिकित्सा अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने एक चिकित्सक सहित तीन स्वास्थ्य कर्मियों का दो दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। साथ ही, संबंधित कर्मियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया।
चिकित्सा अधीक्षक ने साफ- साफ शब्दो में कहा कि ‘ स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे’।

सबसे पहले मेदनीपुर स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर चिकित्सा अधीक्षक वहां की स्थिति देखकर नाराज हो उठे। निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट
अनुपस्थित मिले। जिम्मेदार कर्मियों की गैरहाजिरी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक सीधे डेढ़गावां नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां कर्मचारी मौजूद तो मिले, लेकिन अभिलेखों का रखरखाव बेहद खराब पाया गया। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और रिकॉर्ड व्यवस्था में सुधार के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया।
जिसके बाद चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने सीएचओ के साथ स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की प्रगति समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक के दौरान छह सीएचओ अनुपस्थित पाए गए, जिसे उन्होंने गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
डॉ. एस. के. सरोज ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है और मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि जो कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
इस दौरान बीपीएम बबीता सिंह, एआरओ संदीप, एम.एन. राय, आशुतोष सिंह, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. अमित चौबे, डॉ. इंद्रपाल यादव, सत्यबीर, अर्चना, कुलदीप यादव, अर्चना मौर्य, अर्चना राय, मेघा शर्मा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।


